द जागरण टाइम्स l 27अक्टूबर 2026।अयोध्या। अयोध्या में दीपोत्सव अब केवल आस्था और परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का माध्यम भी बन रहा है। कभी रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करने वाले कुम्हार परिवारों के युवा अब अपनी ही धरती पर पारंपरिक कला के जरिए आजीविका कमा रहे हैं।
जयसिंहपुर गांव के बृज किशोर प्रजापति बताते हैं कि दीपोत्सव शुरू होने के बाद से उनका पूरा परिवार लगातार दीये बनाने के काम में जुटा है। इस बार उन्हें एक लाख दीयों का ऑर्डर मिला था, जिसे समय से तैयार कर पहुंचा दिया गया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।







