द जागरण टाइम्स, रजनी चौहान, 24अक्टूबर कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के पावर हाउस रोड पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए दीपावली से पहले यातायात व्यवस्था सुधारने की पहल की गई है। शारदा विहार मोड़ से जल संसाधन विभाग के कैनाल पुल तक सड़क पर डिवाइडर का निर्माण कराया गया है। ट्रैफिक पुलिस के प्रस्ताव पर नगर निगम ने यह काम रातों-रात पूरा कराया, ताकि दिन के समय आवागमन प्रभावित न हो। त्योहारों के दौरान बाजार में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पावर हाउस रोड पर दोपहर से लेकर देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। नवरात्र के दौरान भी इस मार्ग पर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कई बार वाहनों की लंबी कतारों के कारण आवागमन बाधित हुआ। अब दीपावली नजदीक आने के साथ बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक यातायात का दबाव और बढ़ने की आशंका है।इस मार्ग पर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लगातार आवाजाही के बीच जाम लगने से आम लोगों के साथ-साथ यातायात पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। सबसे गंभीर स्थिति उस समय बनती है, जब एंबुलेंस, दमकल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे समय पर गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में जोखिम भी बढ़ जाता है।
ट्रैफिक पुलिस के प्रस्ताव पर हुई पहलनवरात्र के दौरान सामने आई परेशानियों और दीपावली के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने उच्च अधिकारियों के समक्ष समस्या रखी। इसके बाद प्रशासन और नगर निगम ने पहल करते हुए शारदा विहार मोड़ से कैनाल पुल तक डिवाइडर बनवाया। इस व्यवस्था से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और सड़क पर बेतरतीब ढंग से होने वाले आवागमन को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।हालांकि, स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। ऐसे में डिवाइडर का निर्माण पहले कराया जाता तो लोगों को पहले ही राहत मिल सकती थी। अब त्योहारों के ठीक पहले उठाए गए इस कदम से यातायात व्यवस्था में कितना सुधार आता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।प्रदूषण और परेशानी से भी मिल सकती है राहतलगातार जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। इससे ईंधन की खपत बढ़ने के साथ वाहनों के धुएं और शोरगुल से भी लोगों को परेशानी होती है। सड़क पर यातायात सुचारु रहने से इन समस्याओं में कमी आने की संभावना है। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस के जवानों को बार-बार जाम खुलवाने में लगने वाली मेहनत से भी राहत मिल सकती है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।




