जागरण टाइम्स, मुजफ्फरनगर/ लखनऊ 25 अक्टूबर। 17 घंटे हो चुके हैं सिपाही को गोली लगे मगर अभी तक मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस हमलावरों को गिरफ़्तार नहीं कर पाई। एक स्थान पर पुलिस कार्रवाई के दौरान बदमाशों के हमले में उत्तर प्रदेश पुलिस का कांस्टेबल जख्मी हो गया। उसका उपचार स्थानीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस वक्त ये घटना हुई, मुख्यमंत्री उस समय कानून व्यवस्था पर ही जिले के अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे थे।
याद रखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पोलीसिंग को बेहतर बनाने के लिए 2018 बैच के IPS सूरज राय को जिले का कप्तान यानी पुलिस अधीक्षक बनाया गया हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत के बाद मुजफ्फरनगर उनका दूसरा जिला है।मुज़फ़्फ़रनगर चुनाव के लिहाज़ से भी संवेदनशील जिला है। ऐसे में लखनऊ यानी राजधानी को तबादला करते वक्त क्षमताओं का ध्यान रखना चाहिए।मुख्यमंत्री जी चुनाव आपका है, अफसरों का नही। आपकी हार जीत से इन पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, इनका तो ज़िला बदलेगा नक़्शे पर बस।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।




