मंदिर तीर्थ क्षेत्र की ओर से अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया सम्मान
द जागरण टाइम्स, अयोध्या , 18 अक्टूबर। श्रीराम नगरी अयोध्या में नवरात्र पर्व के अवसर पर भक्ति, आस्था और धार्मिक परंपराओं का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र सहित अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में मां भगवती की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। इसी पावन अवसर पर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीराम मंदिर में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर के पुरोहित ने निर्धारित धार्मिक विधि के अनुसार पूजा संपन्न कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की। रामलला के दिव्य दर्शन कर उन्होंने आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण के बीच उनकी यह धार्मिक यात्रा संपन्न हुई।दर्शन-पूजन के पश्चात श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र की ओर से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का सम्मान किया गया। मंदिर प्रबंधन ने उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें श्रीराम मंदिर से संबंधित आवश्यक जानकारियां भी दी गईं।

मंदिर की व्यवस्थाओं और अयोध्या में हो रहे धार्मिक एवं विकासात्मक परिवर्तनों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के साथ उन्होंने अयोध्या के वर्तमान स्वरूप की प्रशंसा की।श्रीराम मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी है। अयोध्या आज धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही है। नवरात्र के पावन अवसर पर मां भगवती की आराधना और प्रभु श्रीराम के दर्शन से पूरी रामनगरी भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। असम के मुख्यमंत्री का अयोध्या आगमन भी इसी धार्मिक आस्था और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जुड़ा रहा।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



