स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं का अतिथियों ने किया अभिनंदन
द जागरण टाइम्स, एमपी चित्रकूट 20 अक्टूबर। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर पिछले एक हफ्ते से चल रही अंतर्राष्ट्रीय रामलीला का कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

उत्सव के अंतिम दिन उज्जैन की विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के कलाकारों ने सीता स्वयंवर, श्रीराम के अयोध्या आगमन पर स्वागत, सीता हरण, लंका में सीता, श्रीराम-रावण युद्ध, रावण वध, विभीषण के राज्याभिषेक और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक सहित रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण की गौरवशाली परंपरा से रूबरू कराया।

समापन संध्या का उद्घाटन संत दिव्य जीवन दास जी महाराज महंत भरत मंदिर, संत राम जन्म दास जी महाराज, संत अमृत दास जी महाराज खाकी अखाड़ा, संत बिरजू दास जी महाराज, अभय महाजन राष्ट्रीय संगठन सचिव दीनदयाल शोध संस्थान, डॉ भरत मिश्रा पूर्व कुलगुरु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, विज्ञान चंद विश्वकर्मा खंड कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्रकूट, रविराज सिंह खंड प्रचारक चित्रकूट, डॉ अशोक पांडेय वरिष्ठ कार्यकर्ता दीनदयाल शोध संस्थान, संजय सिंह कछवाह जिला पंचायत सदस्य सतना, ओम प्रकाश शर्मा जिला योजना समिति सदस्य सतना, राव प्रबल श्रीवास्तव जिला उपाध्यक्ष भाजपा सतना द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

समापन अवसर पर रामलीला की विभिन्न व्यवस्थाओं में लगे नगर के स्वयं सेवी कार्यकर्ताओं को दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अभय महाजन और मंचासीन अतिथियों द्वारा अभिनंदन किया गया। 7 दिन तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय रामलीला का संयोजन डॉ मंजूषा राजस जोहरी निदेशक तुलसी शोध संस्थान, डॉ संजय मिश्रा प्रशासनिक प्रभारी शास. माधव संगीत महाविद्यालय उज्जैन, श्री संजीव मालवीय निदेशक विक्रमादित्य शोध पीठ उज्जैन, श्री बिजेन्द्र वर्मा वरिष्ठ रंगकर्मी एवं सचिव विशाला सांस्कृतिक ग्रुप द्वारा किया गया।🌸कार्यक्रम का समन्वय कर रहे डॉ संजय मिश्रा ने कहा कि श्रीरामचंद्र पथगमन न्यास एवं मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में श्री चित्रकूट धाम में आयोजित सप्तदिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामलीला उत्सव भव्यता, दिव्यता, आध्यात्मिक चेतना एवं सांस्कृतिक वैभव के साथ निर्विघ्नतापूर्वक संपन्न हुआ। माँ मंदाकिनी के सुरम्य तट पर, महाराजाधिराज भगवान मत्गयेन्द्रनाथ सरकार की पावन छत्रछाया में आयोजित यह अनुष्ठान केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, अपितु आस्था, श्रद्धा, विश्वास, भक्ति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति समर्पण का अनुपम महोत्सव था। प्रभु श्रीराम की पावन लीलाओं के माध्यम से जनमानस को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और जीवन-मूल्यों से जोड़ने वाला यह आयोजन चित्रकूट की आध्यात्मिक महिमा को अभिव्यक्त करने का एक विशिष्ट अवसर बना। देश- विदेश से आये कला साधकों द्वारा लीला मंचन किया गया l सात दिनों तक चले इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में विभिन्न संतों, महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों, विद्वज्जनों और कला-साधकों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और अधिक बढ़ाया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



