महिला शिक्षिका से कर्ज चुकाने के लिए मांगे रुपये, इनकार पर गला दबाकर मार डाला; राज खुलने के डर से बेटे की भी बेरहमी से हत्या

द जागरण टाइम्स | सूरजपुर, 23 अक्टूबर। सूरजपुर जिले में महिला शिक्षिका और उसके बेटे की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब 20 लाख रुपये का कर्ज चुकाने और पैसों के लालच में पहले महिला शिक्षिका रजनी बरेठ की हत्या की। इसके बाद वारदात का राज खुलने के डर से उसके बेटे सुजल बरेठ को भी मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने दोनों हत्याओं के बाद साक्ष्य मिटाने और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। वारदात में इस्तेमाल कार, हत्या में प्रयुक्त वस्तुएं और मृतकों के मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं।जंगल के पास नाली में मिला था युवक का शवपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने थाना जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे बनी नाली में एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान अविनाश बरेठ ने अपने भांजे सुजल बरेठ के रूप में की। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर और छाती पर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।किराये के मकान में मिला महिला शिक्षिका का शवइधर, मृतक सुजल की मां रजनी बरेठ के भी लापता होने की जानकारी सामने आई। रजनी विश्रामपुर की ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में अपने बेटे के साथ रहती थीं और शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। 9 अक्टूबर से उनका मोबाइल बंद मिल रहा था। 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में किराये के मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां रजनी का शव बाथरूम में पड़ा मिला। पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने पर थाना विश्रामपुर में हत्या का मामला दर्ज किया गया।सीसीटीवी फुटेज ने खोला दोहरे हत्याकांड का राजदोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में विशेष जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम और साइबर सेल अंबिकापुर ने जांच को आगे बढ़ाया।जांच के दौरान ममता कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। एक फुटेज में काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने एक व्यक्ति रजनी के किराये के मकान में आता-जाता दिखाई दिया। दूसरे फुटेज में इसी हुलिये से मिलता-जुलता व्यक्ति कार वॉशिंग सेंटर पर अपनी कार धुलवाते नजर आया। जांच में कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। वाहन के आधार पर पुलिस संदिग्ध प्रवेश कुमार तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार किया।20 लाख का कर्ज, 19 लाख के लोन की जानकारी बनी हत्या की वजहपुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के चलते आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था। आरोपी ने मोटर पार्ट्स के व्यवसाय के लिए करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे जानकारी थी कि रजनी लगभग 19 लाख रुपये का ऋण लेने वाली हैं और यह रकम उनके खाते में आने वाली है।पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा। कार धोने के दौरान वह पैदल रजनी के घर गया। वहां उसने पहले सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा और फिर दोबारा घर पहुंचकर काफी देर तक रुका। शाम को रजनी के ड्यूटी से लौटने और सुजल के ट्यूशन जाने के बाद आरोपी ने रजनी से रुपये मांगे। रजनी के इनकार करने पर उसने कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। आरोपी ने स्टील की पानी की बोतल से उनके सिर पर वार किया और फिर बाथरूम की ओर ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी।मां की हत्या का राज खुलने के डर से बेटे को भी मार डालापुलिस के अनुसार, रजनी की हत्या के बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और वहां से निकल गया। उसे आशंका थी कि सुजल को उसकी मां की हत्या के बारे में जानकारी हो सकती है और वह घटना का खुलासा कर देगा। इसी डर से उसने सुजल को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई।आरोपी ने कथित तौर पर मुंह पर सफेद गमछा बांधकर और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी से कुछ दूरी तक यात्रा की। बाद में स्कूटी और हेलमेट को अलग-अलग स्थानों पर छोड़कर वह वापस अपनी कार के पास पहुंचा। रात करीब नौ बजे सुजल के घर लौटने पर आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को कार में बैठाकर अपने साथ ले गया।पुलिस के अनुसार, आरोपी सुजल को लेकर कुम्दा होते हुए अंबिकापुर की ओर गया। रास्ते में राई जंगल के पास उसने बाथरूम जाने के बहाने कार रुकवाई। इसके बाद सुजल के गले में स्टोल कसकर और मुक्के मारकर हमला किया। सुजल भागने लगा तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर ठिकाने लगाने के लिए कई जगह तलाश की और अंततः शव को जंगल क्षेत्र में फेंक दिया।मोबाइल छिपाए, कार धुलवाई और खून लगी मैट जलाईपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने वारदात के बाद सुजल के दोनों मोबाइल फोन अपने घर की रसोई की दराज में छिपा दिए, जबकि रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में रखा था। पुलिस ने आरोपी के घर से सुजल के दोनों मोबाइल बरामद किए। इसके बाद अंबिकापुर में आरोपी के ससुराल से रजनी का सिम सहित मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहां से रजनी के आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड तथा सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना में प्रयुक्त कार को भी धुलवाया था और कार की जिस मैट पर खून लगा था, उसे जला दिया था। आरोपी की निशानदेही पर राई जंगल से मृतक की एक चप्पल, घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल जब्त की गई।हरियाणा का निवासी, विश्रामपुर में रह रहा था आरोपीपुलिस ने आरोपी प्रवेश उर्फ परवेश कुमार, पिता गुरदित मल, उम्र 36 वर्ष, निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, करनाल, हरियाणा, वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।संयुक्त पुलिस टीम की रही अहम भूमिकाइस दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चंद्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेंद्र एक्का, रविशंकर पांडेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। साइबर सेल अंबिकापुर से एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह ने भी जांच में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई से दोनों हत्याओं की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



