टीकमगढ़ के पवन तिवारी एवं ‘रूट्स: नादात्म’ के भजनों की आधुनिक धुन पर झूमे श्रोता, ‘भजन जैमिंग कॉन्सर्ट’ का आयोजन
जागरण टाइम्स, चित्रकूट 25 अक्टूबर। /दीनदयाल शोध संस्थान एवं चित्रकूट क्षेत्र की जनता जनार्दन व जिला प्रशासन सतना के सहयोग से संस्कृति संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा भारत रत्न नानाजी देशमुख के जन्मदिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर तीन दिवसीय पारंपरिक एवं गायकी-केंद्रित बहुरंगी कला उत्सव ‘शरदोत्सव’ का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर तक दीनदयाल परिसर में किया जा रहा है।

शरद पूर्णिमा की पावन बेला और भारत रत्न, राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की तिथि अनुसार 110वीं जयंती का यह शुभ अवसर पर ‘शरदोत्सव’ भारतीय संस्कृति, लोकपरंपरा और ग्रामोदय के महान संकल्प का अद्भुत संगम है।जिसके प्रथम दिवस का शुभारम्भ रविवार को संतोषी अखाड़ा के श्री महंत राम जी दास महाराज, रामायणी कुटी के मंहत श्री रामहृदय दास जी महाराज, सनकानिद आश्रम के महंत श्री सनकादिक जी महाराज, भरत मंदिर के महंत श्री दिव्य जीवन दास जी महाराज, जानकी महल आश्रम के महंत श्री सीता शरण दास जी महाराज, परमहंस आश्रम सती अनुसूया के महंत श्री पवन बाबा जी, टाटी घाट के महंत श्री मोहनदास जी महाराज एवं मध्य प्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद, मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ कैलाश जाटव, मध्य प्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विनोद गोंटिया, चित्रकूट विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विजयपाल यादव, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आलोक चौबे, बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद डॉ आरके सिंह पटेल, पूर्व सांसद श्री भैरों प्रसाद मिश्र, पूर्व मंत्री श्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, नगर पालिका कर्वी के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गुप्ता, श्रीमती सीता गुप्ता अध्यक्ष नगर पालिका अजयगढ़, बांदा भाजपा के जिला अध्यक्ष कल्लू राजपूत, सतना भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पांडे, पूर्व विधायक श्री दिनेश मिश्र, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना, स्टार ऑटोमोबाइल लिमिटेड सतना के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री रमेश सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बांदा के विभाग कार्यवाह श्री संजय सिंह, सतना के जिला संघचालक श्री राम बेटा कुशवाह, कलेक्टर सतना डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक सतना डॉ हंसराज सिंह द्वारा राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलन के साथ विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर हुआ।

शरदोत्सव संध्या का शुभारम्भ करते हुए मध्यप्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि आज शरद पूर्णिमा के दिन राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के जन्मदिवस का विशेष दिन है। नानाजी का पूरा जीवन स्वयं एक प्रेरणा पुंज है, उन्होंने अपना पूरा जीवन पीड़ित और उपेक्षित लोगों के लिए समर्पित किया। भगवान् राम का चित्रकूट की धरा पर जिस तरह कण कण में निवास है, उसी तरह नानाजी का योगदान भी अमिट है। उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि शरदोत्सव जैसे आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पूज्य संतों के आशीर्वाद से चित्रकूट से अच्छा स्थान कोई नहीं हो सकता। इस दौरान संतोषी अखाड़ा के श्री महंत श्री रामजी दास महाराज द्वारा आशीर्वचन उद्बोधन दिया गया।
प्रथम दिवस की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय चित्रकूट के बच्चों द्वारा पिरामिड, सद्गुरू सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा गुजरात का डांडिया, कृष्णा देवी वनवासी बालिका आवासीय विद्यालय मझगवां की बालिकाओं द्वारा राजस्थानी घूमर नृत्य, जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राजकीय विश्वविद्यालय द्वारा सामूहिक भजन गायन तथा सुरेन्द्रपॉल ग्रामोदय विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रादेशिक लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति की गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के क्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायक पवन तिवारी टीकमगढ़ ने भक्ति गीतों की अनूठी छटा विखेरी और एक के बाद एक भजनों से नानाजी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर दर्शकों को आनन्दित किया। इसके बाद भोपाल के प्रसिद्ध म्यूजिक बैंड ‘रूट्स: नादात्म’ ने अपने अनूठे ‘भजन जैमिंग’ कॉन्सर्ट से समां बांध दिया।कॉन्सर्ट की खास बात परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम रही। बैंड के युवा कलाकारों ने पारंपरिक भजनों और शास्त्रीय पदों को आज के आधुनिक संगीत शैलियों (फ्यूजन व वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट्स) के साथ नए कलेवर में प्रस्तुत किया। आजकल युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे ‘भजन जैमिंग’ के इस प्रारूप ने उपस्थित सभी श्रोताओं, युवाओं और साधकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।परिसर में मौजूद अतिथियों और प्रबुद्धजनों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना एक सराहनीय पहल है। नानाजी के विचारों को समर्पित यह उत्सव पारंपरिक संगीत को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
उपरोक्त कार्यक्रम दीनदयाल परिसर में प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से आयोजित जा रहा है। *शरदपूर्णिमा की चाँदनी में दर्शकों ने लिया खीर का आनंद*जब चन्द्रमा अपनी समस्त कलाओं के साथ होता है और धरती पर अमृत वर्षा करता है, इस अमृत वर्षा का लाभ हर मानव को मिले इसी उद्देश्य से राष्ट्रऋषि नानाजी के 110वें जन्मदिवस पर शरदपूर्णिमा की चांदनी में हजारों दर्शकों ने दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा जन सहयोग से प्रसाद रूप में वितरित की गई अमृतमयी खीर का आनंद लिया।*शरदोत्सव के मंच पर आज होगी श्रीकृष्ण बाल लीला और आशा वैष्णव अहमदाबाद का भक्ति गायन*शरदोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या पर सोमवार 26 अक्टूबर को अभिनयना डांस अकादमी, जगन्नाथ पुरी द्वारा श्रीकृष्ण बाल लीला एवं आशा वैष्णव एवं साथी, अहमदाबाद द्वारा भक्ति गायन का आयोजन होगा।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।




