द जागरण टाइम्स, अयोध्या, 20 अक्टूबर। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आश्विन नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कन्या पूजन एवं भोग प्रसाद का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में 18 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई तथा दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मीडिया विभाग की ओर से जागरण टाइम्स को दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर की यज्ञशाला में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में ट्रस्टी कृष्ण मोहन, महंत दिनेन्द्र दास, आचार्य इन्द्र देव, केशव महाराज तथा ट्रस्ट के निर्माण अभियंता जगदीश शंकर आफले सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने परंपरानुसार कन्याओं के चरण पखारकर उनका पूजन किया और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र में कन्या पूजन को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।अनुष्ठान के दौरान भवानी सिंह राठौर ने सभी कन्याओं को दक्षिणा प्रदान कर सम्मानपूर्वक विदा किया। कन्या पूजन के माध्यम से देवी स्वरूप कन्याओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। नवरात्र पर्व के समापन की ओर बढ़ते क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।श्रद्धालुओं के लिए भी की गई भोग-प्रसाद की व्यवस्थाश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से यज्ञशाला परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भी भोग प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। भगवान श्रीरामचंद्र एवं मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया। बड़ी श्रद्धा के साथ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और भोग वितरण के बीच आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।अयोध्या में नवरात्र पर्व के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित कन्या पूजन ने इस पावन अवसर की धार्मिक महत्ता को और भी विशेष बना दिया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



