जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में प्रस्फुटन समितियों की ख़ास भूमिका

जागरण टाइम्स, चित्रकूट 27अक्टूबर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से उद्यमिता विद्यापीठ में तीन दिवसीय ग्राम प्रस्फुटन संवाद एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें ग्राम प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर संस्था के पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।कार्यशाला का समापन मंगलवार को उद्यमिता विद्यापीठ के लोहिया सभागार में आयोजित किया गया। जिसमें सुतिक्ष्ण मुनि आश्रम के श्री महंत श्री रामेश्वर दास जी महाराज, मानसा नीमच के विधायक श्री अनिरुद्ध मारू, संघ के महाकौशल प्रांत के पर्यावरण गतिविधियों के संयोजक श्री रामकृष्ण, जबलपुर से डॉ हरिशंकर मरकाम, मझगवां की जनपद सदस्य श्रीमती सोना सिंह एवं दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अभय महाजन के आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक आशीष ताम्रकार द्वारा तीन दिन तक संपन्न हुई संवाद कार्यक्रम और कार्यशाला की संक्षिप्त कार्यवाही सभी अतिथियों के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से गाँवों में संवाद, जनभागीदारी और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रस्फुटन समितियाँ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करती हैं। समापन सत्र का संयोजन आरोग्यधाम आयुर्वेद शोध शाला के प्रभारी डॉ मनोज त्रिपाठी द्वारा किया गया।विधायक श्री अनिरुद्ध मारू ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान राम की कर्म भूमि पर श्रद्धेय नानाजी ने दीनदयाल शोध संस्थान के रूप में जो पौधा लगाया था वह आज विशाल बट वृक्ष के रूप में हम सबके सामने है। पीड़ित और वंचित लोगों के जीवन स्तर में बदलाव लाने का काम संस्थान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कर रहा है। इस अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन ने कहा कि नाना जी ने एक सूत्र दिया था, जनता की पहल और पुरुषार्थ के आधार पर जो भी काम होते हैं वह टिकाऊ होते हैं। हमें समाज की पहल से सारे काम करने का प्रयास करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की एकात्म मानव दर्शन की जो परिकल्पना थी, समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति विकास की मुख्य धारा से जुड़ सके, उसके लिए दीनदयाल शोध संस्थान और जन अभियान परिषद मिलकर दोनों ही इस दिशा में काम कर रहे हैं।इस दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के समाज शिल्पी दंपतियों द्वारा गांव में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री राजेंद्र सिंह द्वारा रखी गई। जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट के निदेशक श्री अनिल सिंह ने विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी से सभी को अवगत कराया। कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के खाद्य प्रसंस्करण के वैज्ञानिक डॉ हेमराज द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर हम कैसे रोजगार सृजन कर सकते है।कार्यशाला में जन अभियान परिषद के ब्लाक समन्वयक अरुण कुमार ने बताया कि प्रस्फुटन समितियां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए ग्राम स्तर पर लोगों की सहभागिता और सामुदायिक गतिविधियों में सक्रियता आवश्यक है।प्रशिक्षकों ने ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और शासन तथा समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समितियों को गांव की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए और पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।







