श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की यज्ञशाला में भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति ने किया आनंदित

द जागरण टाइम्स, अयोध्या, 16 अक्टूबर। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर की यज्ञशाला में शुक्रवार को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और रामायण की भक्तिमय परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री वेंकट अन्नमाचार्य सेवा ट्रस्ट, विशाखापत्तनम की ओर से आईं 134 मातृशक्तियों ने कुचिपुड़ी नृत्य के माध्यम से सम्पूर्ण रामायण का मनोहारी मंचन किया। नृत्य की भाव-भंगिमाओं, आकर्षक मुद्राओं और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के जरिए कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से आयोजन प्रभारी शैलेन्द्र शुक्ल के अनुसार, सेवा ट्रस्ट की चीफ डायरेक्टर सुनीता कोठारी के नेतृत्व में कलाकारों का दल अयोध्या पहुंचा था। दल की 134 महिला कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली कुचिपुड़ी के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी सामूहिक प्रस्तुति में भक्ति, कला और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की सुंदर झलक देखने को मिली।
प्रस्तुति के दौरान रामायण के प्रसंगों को नृत्य और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से दर्शकों के समक्ष रखा गया। कलाकारों की साधना, समन्वय और आकर्षक नृत्य शैली ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
कार्यक्रम के उपरांत सुनीता कोठारी के नेतृत्व में सभी कलाकारों ने प्रभु श्रीराम सहित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित समस्त देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन किए। रामनगरी अयोध्या में आयोजित इस प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से रामायण की गौरवशाली परंपरा और श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



