कोरबा। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एसईसीएल की गेवरा खदान का कोल इंडिया के चेयरमैन बी साईराम ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गेवरा एरिया के व्यू प्वाइंट से खदान की गतिविधियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों से कोयला उत्पादन, परियोजना विस्तार और भविष्य की कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उनके साथ कोयला, सचिव साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित निदेशक स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।
दौरे के दौरान गेवरा सहित 4 एरिया के मुख्य महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कोल इंडिया चेयरमैन को क्षेत्र में संचालित खनन गतिविधियों, उत्पादन की स्थिति और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने खदान की वर्तमान कार्यप्रणाली के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा आगामी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
गेवरा खदान के निरीक्षण के दौरान परियोजना विस्तार के तहत चल रही गतिविधियां प्रमुख चर्चा का विषय रहीं। कोल इंडिया चेयरमैन ने विस्तार प्रक्रिया से संबंधित तैयारियों और इसमें आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। विशेष रूप से भू-अर्जन, प्रभावित परिवारों को रोजगार, मुआवजा वितरण और पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। इन विषयों पर अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई और आगे की योजनाओं से उन्हें अवगत कराया।
कोयला उत्पादन में गेवरा क्षेत्र की अहम भूमिका को देखते हुए परियोजना विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच कोयला उत्पादन को गति देने के साथ प्रभावित परिवारों से जुड़े विषयों का समयबद्ध निराकरण भी प्रबंधन के लिए अहम है।
कोरबा जिला लंबे समय से देश के प्रमुख कोयला उत्पादन केंद्रों में शामिल रहा है। यहां स्थित एसईसीएल की खदानें कंपनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में कोयला उत्पादन लगभग 150 मिलियन टन के स्तर पर बताया गया है, जिसमें अकेले गेवरा क्षेत्र का योगदान करीब 72 मिलियन टन के आसपास है। हालांकि, इन आंकड़ों की संबंधित अवधि के आधिकारिक उत्पादन विवरण से पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
गेवरा जैसी विशाल खदानों की उत्पादन क्षमता और विस्तार योजनाएं देश की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में कोल इंडिया के चेयरमैन का दौरा उत्पादन संबंधी गतिविधियों, परियोजना विस्तार और भविष्य की रणनीति की समीक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।
कोरबा जिले में उपलब्ध कोयला संसाधनों के बेहतर उपयोग और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खनन परियोजनाओं के विस्तार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं। गेवरा क्षेत्र में उत्पादन क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और विस्तार संबंधी कार्यों की समीक्षा इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखी जा रही है।
कोल इंडिया और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के इस दौरे से उत्पादन लक्ष्यों, परियोजना विस्तार तथा संबंधित चुनौतियों पर प्रबंधन का ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। आने वाले समय में इन योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन से गेवरा क्षेत्र की भूमिका देश की ऊर्जा व्यवस्था में और महत्वपूर्ण हो सकती है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



