द जागरण टाइम्स, कोरबा हरदीबाजार, विनोद उपाध्याय, 11अक्टूबर । तस्वीरों को देखकर ऐसा लगता है कि कोरबा जिले में कई प्रमुख सड़क है को पशुपालकों और उनकी मवेशियों ने अपनी सम्पत्ति समझ लिया है। उनकी दखल से लगता कुछ ऐसा ही है। हरदी बाजार क्षेत्र के कॉलेज चौक से उतरदा मार्ग होते हुए अंबेडकर चौक भाटापारा तक सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।

खासकर रात के समय अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देने से मोटरसाइकिल चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। वहीं, भारी वाहन चालकों को भी आवागमन के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौ माता की रक्षा और सेवा के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाले कई लोग समय-समय पर सामने आते हैं, लेकिन सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर पहल नजर नहीं आती। कुछ लोग कुछ दिनों तक गौ रक्षा के लिए सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में उनकी सक्रियता भी नजर नहीं आती। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सड़कों पर घूम रहे इन मवेशियों की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?क्षेत्र में मवेशियों को उनके मालिक खुले में छोड़ देते हैं, जिसके कारण वे सड़कों पर बैठने के साथ आसपास के खेतों में भी पहुंच रहे हैं। वर्तमान में धान की फसल खेतों में लगी हुई है। ऐसे में मवेशियों के खेतों में घुसने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। मवेशियों को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, ताकि सड़क हादसों और फसल नुकसान जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



