नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के तहत कोनकोना में कार्यक्रम आयोजित,
द जागरण टाइम्स, कोरबा, 15 अक्टूबर। केंद्र सरकार की *नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल* योजना के तहत कोरबा जिले के ग्राम कोनकोना में गुरुवार को किसानों को सरसों के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा की अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी तंवर एवं ग्राम पंचायत कोनकोना की सरपंच श्रीमती अनिता राज ने कृषकों को सरसों के बीज प्रदान किए। इस दौरान किसानों को तिलहन फसलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित करते हुए खाद्य तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना, कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना और खाद्य तेलों के लिए दूसरे राज्यों एवं देशों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को गति देना है। किसानों को सरसों जैसी तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे अपनी कृषि आय बढ़ाने के साथ-साथ देश में खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा देने में भी योगदान दे सकें।
कृषि विकास और किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर
कोरबा जिले के कृषि विभाग के उपसंचालक देवेंद्र पाल सिंह कंवर ने बताया कि जिले में कृषि विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर किसानों को इनका लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि विभाग की टीम किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी भी दे रही है।उन्होंने बताया कि कोरबा जिले के पांचों विकासखंडों में बड़ी संख्या में किसान कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। किसान खेती को आजीविका का प्रमुख साधन बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटे हैं। ऐसे में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।कृषि विभाग का प्रयास है कि किसान फसल विविधीकरण को अपनाएं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तिलहन सहित अन्य उपयुक्त फसलों की खेती को बढ़ावा दें। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि, खेती की लागत और आय के बेहतर प्रबंधन तथा किसानों को अतिरिक्त आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।सरसों बीज वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने और तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



