जागरण टाइम्स, भुवनेश्वर। उड़ीसा में बालासोर से ऑरेंगुतान के पांच बच्चों को बचाने में सफलता मिली है। इसी के साथ अब इनके संरक्षण को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। जागरण टाइम्स को मिली जानकारी में बताया गया कि उड़ीसा सरकार ने इस बारे में एक कमेटी बना दी है। जूलॉजिकल पार्क के निदेशक कमेटी के सदस्य और संयोजक होंगे।
सरकार की ओर से बताया गया कि इसमें मैसूर के श्री चामराजेन्द्र जूलॉजिकल पार्क के एक वेटरनरी डॉक्टर, देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के एक प्रतिनिधि और भुवनेश्वर स्थित ओडिशा कृषि और तकनीकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) स्थित वन्य जीव स्वास्थ्य केंद्र के परियोजना समन्वयक सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इसमें कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर कमेटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों और संगठनों से सलाह ले सकती है या उन्हें शामिल कर सकती है।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और प्रधान मुख्य वन संरक्षण (वन्यजीव) पीके झा ने बताया कि राज्य की सबसे पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भारत में न पाए जाने वाले इन पांच जानवरों को नंदनकानन में सबसे अच्छी देखभाल मिले। उन्होंने कहा कि ओरांगुटान के इन बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए तीन कर्मचारी और डॉक्टर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। ओयूएटी के वन्यजीव इलाज केंद्र के प्रमुख आदित्य आचार्य ने बताया कि बचाए गए ओरांगुटान धीरे-धीरे अपने देखभाल करने वालों से घुल-मिल रहे हैं और उनसे आसानी से खाना ले रहे हैं।
क्या खा रहे नन्हें ओरांगुटान?नंदनकानन की क्वारंटीन यूनिट में ओरांगुटान की देखभाल कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए भोजन योजना के तहत जानवरों को हर दो घंटे में दूध और साथ ही नियमित अंतराल पर सेब और केले का जूस और उबले हुए आलू दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओरंगुटान के पांच बच्चों में से एक बच्चा बुखार से ठीक हो गया है, जबकि दो अन्य बच्चों को सर्दी-जुकाम से राहत मिली है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि डीएनए जांच के लिए रक्त नमूने लेने का काम लगभग 10 दिनों के लिए टाल दिया गया है।
कब मिले थे 5 ओरांगुटान?बालासोर जिले के भोगराई प्रखंड स्थित विचित्रपुर जंगल से आठ सितंबर को ओरांगुटान के पांच बच्चों को बचाया गया था। ओरांगुटान एक तरह के ‘वनमानुष’ (एप) हैं जो इंसानों के काफी करीबी होते हैं।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



