दिव्यांगों को राहत देख संत दे रहे उन्मुक्त हृदय आशीष
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द जागरण टाइम्स, अयोध्या , 29 सितंबर। कारसेवकपुरम् में चल रह अशोक सिंहल फाउण्डेशन के निःशुल्क अंग प्रत्यारोपण शिविर के तीसरे दिन तोताद्रि मठ के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य जी महाराज ने शिविर का निरीक्षण करने के साथ दिव्यागों से बातचीत कर उन्हें मिल रही राहत के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम में पहुंचे पूज्य संत का फाउण्डेशन के कार्यकर्ता नीतेश व रविंदर ने अंगवस्त्र ओढ़ाने के साथ राम परिवार का चित्र व अशोक सिंहल जी पर लिखी पुस्तक भेंट कर आशीर्वाद लिया। महाराज श्री ने सेवा कार्य की भूरिभूरि प्रशंसा की और उत्तरोत्तर वृद्धि की कामना की। इस अवसर पर डांडिया मंदिर अयोध्या के गिरीश आनंद महाराज की उपस्थित थे।

हादसे में पीसीएस बनने का सपना चूर, शिविर ने दी व्यापार की ताकत
जौनपुर के ग्राम खम्भौरा निवासी हरिओम यादव का उस समय गला भर आया जब उसे 2020 में हुई पैर कटने की घटना याद आई। घटना ने उनका पीसीएस बनने का सपना चूर कर दिया था। कृत्रिम पैर मिलने के बाद उनके अंदर एक नया जोश नजर आया उसने अब व्यापार क्षेत्र में आगे बढ़ने की बात कही।

बकौल हरिओम शिक्षा शास्त्र में परास्तनातक की डिग्री लेने के बाद उसने पूरी तैयारी के साथ पीसीएस परीक्षा का फार्म भरा। परीक्षा देने के लिए घर से मड़ियाहू जाते समय जौनपुर शहर में पीछे से आ रहे अनियंत्रित बाइक चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मारी। वह सड़क पर गिरे और पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से उठ नहीं सके। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसका घायल पैर कुचल दिया। स्थिति गंभीर देख जीवन रक्षा के लिए डॉक्टरों ने दाहिना पैर काटने का निर्णय लिया और वहीं से पीसीएस बनने का सपना चूर चूर हो गया। घर में सबसे बड़े हरिओम की मानें तो वृद्ध पिता रेलवे से सेवानिवृत हैं और छोटा भाई भदोही में एक स्वयं सेवी संस्था में काम करता है। नवंबर 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में एक समाज सेवी संस्था ने अंग प्रत्यारोपण शिविर लगाया था जहां कृत्रिम पैर लगाया गया। अशोक सिंहल फाउण्डेशन शिविर की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया फेसबुक से मिली और यहां दूसरा अच्छी गुणवत्ता का कृत्रिम पैर मिला। अब उन्हें वह ताकत मिल चुकी है कि वह गांव के पास की भौकुरा मोड़ बाजार में हार्डवेयर की दुकान कर परिवार की जिम्मेदारी अपने सिर ले सकें। । बचपन में आए तेज बुखार के बाद अस्पताल में नर्स द्वारा लगाए गए गलत इंजेक्शन के दुष्प्रभाव ने कूल्हे से नीचे पैर की हड्डियां टेढ़ी कर दीं और जीवन भर के लिए अपंगता मिल गई। अशोक सिंहल फाउण्डेशन के कृत्रिम अंग प्रत्यारोण शिविर में जो कैलिपर लगाया गया, उससे इतना हौसला मिला कि अब वह अपने पैरों पर खड़े हैं। अयोध्या जनपद की ही तहसील बीकापुर ग्राम बेनीगद्दोपुर निवासी 38 वर्षीय श्रीनिवास गुप्ता के अनुसार चार वर्ष की आयु में उन्हें तेज बुखार आया। अस्पताल की नर्स ने कूल्हे पर गलत इंजेक्शन लगा दिया जो हड्डी से लग कर टेढ़ा हो गया। काफी पीड़ा के बाद लखनऊ किंगजार्ज मेडिकल कालेज ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने किसी तरह उसका रिएक्शन समाप्त किया। लेकिन दवा का असर हड्डियों पर पड़ा चुका था और कमर के नीचे अपंगता आ गई। धीरे धीरे किसी तरह हाई स्कूल तक की शिक्षा ली और घर में ही एक कारीगर रख कर बिजली की दुकान खोली। उसी कारीगर को देख पर एलईडी, व अन्य इलेक्ट्रानिक सामान रिपेयर करने लगे। कारसेवकपुरम् में छह वर्ष पहले हुए प्रथम शिविर की जानकारी पर यहां आये तो उन्हें पैर सीधा करने का सपोर्ट देते हुए डाक्टरों ने कैलीपर दिया। हर शिविर में वह उसे दिखा कर आई कमी दूर कराते हैं। इस वर्ष रिपेयरिंग की जगह उन्हें नया कैलीपर मिला, जिससे उनकी खुशी नजर आ रहा थी। श्रीनिवास ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर अन्य लाभार्थियों को भी शिविर में आने की प्रेरणा देते हैं। अशोक सिंहल फाउण्डेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क अंग प्रत्यारोपण शिविर के तीसरे दिन 51 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग व आवश्यक उपकरण दिए गए। कुल 54 लोगों को चश्मे वितरित किए गए। तीसरे दिन शिविर में 27 को कृत्रिम अंग, 5 को कैलिपर, एक ट्राई साइकिल, दो ह्वील चेयर, 12 को बैसाखी एक को कान की मशीन, 3 को हाथ का वितरण किया गया। 63 लोगों का नेत्र परीक्षण कर 54 को चश्मे वितरित किए गए।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



