न्यूयॉर्क, डेस्क द जागरण टाइम्स । बेहतर वातावरण, अच्छी शिक्षा और किस्मत के खेल के साथ व्यक्ति कहीं से कहीं पहुंच सकता है और अपनी एक अलग पहचान स्थापित करने में सफल हो सकता है। छत्तीसगढ़ की धरती से निकली प्रतिभाएं देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में कोरबा से जुड़े आनंद कुमार पाण्डेय संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) में वित्त एवं बजट से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
आनंद कुमार पाण्डेय लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी व्यावसायिक यात्रा संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल सिविल सर्विस कमीशन (ICSC) की चयन प्रक्रिया के माध्यम से शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने यूएन के ऑफिस ऑफ लीगल अफेयर्स, यूनाइटेड नेशंस ज्वाइंट स्टाफ पेंशन फंड, ट्रीटी सेक्शन, फाइनेंशियल पॉलिसी सेक्शन और फाइनेंशियल रिस्क मैनेजमेंट सेक्शन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं।वर्तमान में वे संयुक्त राष्ट्र में चीफ फाइनेंस एंड बजट ऑफिसर के रूप में वित्तीय मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैश्विक स्तर के इस महत्वपूर्ण संस्थान में वित्त और बजट जैसे संवेदनशील विषयों पर जिम्मेदारी संभालना उनके पेशेवर अनुभव और कार्यक्षमता को दर्शाता है।

आनंद पाण्डेय का कोरबा से भी गहरा पारिवारिक जुड़ाव है। वे कोरबा जिले में भारत एल्युमिनियम कंपनी (बालको) में लंबे समय तक शीर्ष पद पर कार्य कर सेवानिवृत्त हुए डी.पी. पाण्डेय के पुत्र हैं। वहीं वे आयुष मेडिकल संगठन के संरक्षक डॉ. रमेशचंद्र पाण्डेय के भतीजे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बावजूद आनंद पाण्डेय अपनी मातृभूमि और अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान अंतरराष्ट्रीय संबंधों, वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका तथा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हुआ। आनंद पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रवास पर आने वाले भारत सहित विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मुलाकात तथा संवाद का अवसर उन्हें विशेष आत्मिक संतोष देता है। ऐसे संवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी समझ और संबंधों को मजबूत करने में भी सहायक होते हैं।कोरबा की प्रतिभा का वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्वआनंद कुमार पाण्डेय की यह यात्रा कोरबा और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। स्थानीय पृष्ठभूमि से निकलकर संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक संस्थान में वित्तीय मामलों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उनकी कार्ययात्रा यह भी दर्शाती है कि कोरबा की प्रतिभाएं देश की सीमाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



