इस दरबार में प्रज्वलित हो रही पांच शक्तिपीठों की अखंड ज्योत
द जागरण टाइम्स, अक्षत शर्मा,कोरबा 18अक्टूबर । आश्विन नवरात्र आस्था और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। कोरबा जिले के दूरस्थ देवपहरी के सिद्धिदात्री देवी मंदिर और हिंगलाजगढ़ में उल्लास बना हुआ है। मां भगवती की पूजा आराधना भक्ति भाव के साथ की जा रही है। स्थानीय विद्यार्थियों सहित ग्रामीण और विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की उपस्थिति यहां के वातावरण को बेहद खास बना रही है।

वेद मंत्रो और आरती से इस परिसर का वातावरण नवरात्र पर विशेष हो गया है। हिंगलाजगढ़ की प्रतीकात्मक और देश के पांच सिद्ध शक्तिपीठ की अखंड ज्योति यहां पर पिछले नवरात्र से प्रज्वलित है। इसका दर्शन करने के लिए भी श्रद्धालु लगातार देवपहरी पहुंच रहे हैं। देवी की भक्ति और साधना से संबंधित अनुष्ठान में क्षेत्र के ग्रामीण और मातृशक्ति का सहयोग मिल रहा है। कोरबा में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी मातृशक्ति ने भी यहां पहुंचकर अपनी सेवाएं प्रदान की। सेवाभावी वर्ग की ओर से भक्तों के लिए प्रतिदिन प्रसाद की श्रेष्ठ व्यवस्था की जा रही है। भोग प्रसाद वितरण के लिए यहां का पूरा सिस्टम काम कर रहा है। गोमुखी सेवा धाम परिसर के पास ही संचालित आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस नवरात्र में समर्पण भाव से अपने आप को व्यस्त कर रखा है।
नवरात्र की षष्ठी तिथि को सिद्धिदात्री देवी के दरबार में पहुंचकर कोरबा के भक्तों ने पूजन अर्चन करने के साथ शक्तिपीठों की ज्योति के दर्शन किए। साथ ही सभी के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर इस अवसर पर सेवा धाम के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष श्रेष्ठ सिंह ठाकुर, जिला कार्यवाह कैलाश नाहक़, हरजीत सिंह भाटिया, मणि शंकर तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता राम किशोर श्रीवास्तव, डॉ देवाशीष मिश्रा, मातृशक्ति से श्रीमती शशि ठाकुर, श्रीमती पूर्णिमा श्रीवास्तव, श्रीमती जगजीत भाटिया, सविता गर्ग, सुनीता गर्ग और अंजलि ठक्कर ने यहां पर उपस्थिति सुनिश्चित की। सेवा धाम परिसर में हवन पूजन के पश्चात नवमी को जवारा और ज्योति कलश का विसर्जन होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता किशोर बुटोलिया ने बताया कि गोमुखी सेवा धाम के द्वारा आसपास के 40 गांव को हर दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रकल्प संचालित किया जा रहा है। बीते वर्षों में किए गए प्रयासों के काफी सार्थक परिणाम सामने आए हैं। हमारी यह कोशिश लगातार जारी रहेगी।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



