द जागरण टाइम्स। सुकमा: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुकमा जिले में लगातार बारिश और बाढ़ के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है प्रभावित इलाकों में जनजीवन को सामान्य करना। इसी कड़ी में सुकमा कलेक्टर ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को कई निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण से मिलकर उनका हालचाल भी जाना।
कलेक्टर का निर्देश असुविधा नहीं हो
बाढ़ का पानी उतरने के बाद सुकमा जिले के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के सामने रहने के लिए घर, पीने के लिए साफ पानी, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत के साथ पुनर्वास और जरूरी सुविधाओं की बहाली पर फोकस बढ़ा दिया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए की पुनर्वास केंद्र में किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।कलेक्टर अमित कुमार ने बाढ़ प्रभावित श्रीनगर, शबरीनगर, लाइनपारा, सम्राटनगर और बगीचापारा वार्ड का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात कर बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



