द जागरण टाइम्स, अयोध्या, 3 अक्टूबर। विश्व हिन्दू परिषद अवध प्रांत द्वारा आयोजित अशोक सिंहल जन्म शताब्दी समारोह में वक्ताओं ने श्रद्धेय अशोक सिंहल के जीवन को याद कर उनकी कल्पनाओं को साकर करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आन्दोलन में निराशा के बादल छाते थे उस क्षण सिंहल जी का प्रवेश होता था तो एक अलग उत्साह और उमंग के साथ हिंदू समाज आगे बढ़ कर लक्ष्य प्राप्त करता था।

मेटलर्जी साइंस पढ़ने के बाद बचपन के एक सपने ने अशोक जी का पूरा जीवन बदल दिया और ईश्वर ने उन्हें जिस कार्य के लिए संसार में भेजा था, सब कुछ छोड़ कर वह उस काम में लग गए। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास जी ने अशोक जी के साथ बिताए समय को याद करते हुए सभी को धन्यवाद दिया। क्षेत्रीय संगठन मंत्रि गजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि 2 सितंबर 2026 से सितंबर 2027 तक पूर् वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। हर प्रांत में संत सम्मेलन, गौ सेवा की दृष्टि से प्रत्येक जिले के एक ब्लॉक को गो कृषि आधारित ब्लॉक बनाना है। अशोक सिंघल जी ने वेद के प्रचार के लिए वेद विद्यालयों की स्थापना की, नए वेद विद्यालय स्थापित करना। अवध प्रांत में चार लाख लोगों को विश्व हिंदू परिषद से जोड़ने का अभियान है। कार्यक्रम को महापौर गिरीशपित त्रिपाठी ने भी संबोधित कर अशोक जी के कार्यों को याद किया। इस अवसर पर उदासीन अखाड़े के पूज्य भरत दास जी, विहिप के पुरुषोत्तम नारायण सिंह, हरिशंकर, सुरेंन्द्र सिंह, धीरेश्वर वर्मा, अभिषेक, संघ चालक डा. विक्रमाप्रसाद पाण्डेय, देवेंद्र जी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सह प्रांत मंत्री विवेक सिंह ने किया। इसके पूर्व मोहन शास्त्री ने अवधी गीत प्रस्तुत किया और राजेंद्र सिंह पंकज व शिवदास जी ने अशोक सिंहल के साथ बिताए पलो का संस्मरण सुनाया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



