द जागरण टाइम्स। अंबिकापुर। न चेहरे पर अपराध का बोध, न कोई शिकन। मां-बेटी की नृशंस हत्या के दोषी कुलदीप साहू को जब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचल कर हत्या के प्रयास में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, तो कोर्ट से बाहर निकलते ही वह हंस पड़ा।भीड़, पुलिसकर्मियों और कैमरों के सामने उसने हंसते हुए पोज दिया और कहा – स्माइली वाला दिखाइएगा। उसका इशारा मीडिया और वीडियो बना रहे लोगों की ओर था।
अंबिकापुर केंद्रीय जेल से सूरजपुर न्यायालय ले जाया गया था
मुख्य आरोपित कुलदीप साहू का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। सोमवार को फैसले के दिन कोर्ट परिसर में भीड़ जुटी थी। भारी सुरक्षा के बीच कुलदीप को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से सूरजपुर न्यायालय ले जाया गया था।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



