रायपुर। बिजली उत्पादन में अग्रणी और ‘पावर सरप्लस’ राज्य का दर्जा रखने वाले छत्तीसगढ़ में इन दिनों मांग और आपूर्ति का असंतुलन उद्योगों के पहियों को थाम रहा है। प्रदेश में भीषण उमस, कृषि पंपों के निरंतर संचालन और एयर कंडीशनरों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की खपत ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। राज्य में पीक ऑवर्स में मांग 6300 मेगावाट के पार जा चुकी है।
बिजली वितरण कंपनी को दूसरे राज्यों और पावर एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट तक की महंगी दर पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। इसके बावजूद रायपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों—उरला, सिलतरा, भनपुरी और सरोरा में अघोषित बिजली कटौती का दौर जारी है, जिससे कल-कारखानों का संचालन प्रभावित हो गया है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



