द जागरण टाइम्स। रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। इस बीच गोबरा नवापारा क्षेत्र से एक हैरान करने वाली और चर्चा का विषय बनी घटना सामने आई है। महानदी में आई बाढ़ के बीच नदी के तेज बहाव के साथ प्लास्टिक की बोतलों में भरी शराब बहकर आने की खबर जैसे ही फैली, सोमवारी बाजार पुल पर लोगों का तांता लग गया। रायपुर और धमतरी जिले को आपस में जोड़ने वाले इस पुल पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। हर कोई उफनती नदी के बहाव पर नजरें गड़ाए बैठा था और जैसे ही कोई बोतल नजर आती, उसे पकड़ने के लिए लोगों में होड़ मच जाती।
जुगाड़ के सहारे बोतलों को निकालने की कोशिशगोबरा नवापारा के सोमवारी बाजार पुल पर नजारा देखने लायक था। कुछ लोग पुल के ऊपर खड़े होकर नदी के बहाव को निहार रहे थे, तो कई लोग बहकर आ रही बोतलों को पकड़ने के लिए देसी जुगाड़ भिड़ाते दिखे। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने लंबे बांस में जाली बांधी और उसकी मदद से पानी में तैरती बोतलों को खींचने का प्रयास शुरू कर दिया। वहीं, अन्य लोग भी अपने-अपने तरीकों से इन बोतलों को नदी से बाहर निकालने की जद्दोजहद में जुटे रहे।
जान जोखिम में डालकर पहुंच गए नदी के करीब
इस पूरी कवायद के दौरान सबसे बड़ी चिंता आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सामने आई। महानदी इस समय उफान पर है और पानी का बहाव बेहद खतरनाक स्तर पर है। इसके बावजूद, कई लोग बोतलों को पकड़ने के लालच में नदी और पुल के बिल्कुल करीब पहुंच गए।प्रशासन की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद लोग सुरक्षा को ताक पर रखकर खतरनाक तरीके से पेश आ रहे थे। बाढ़ के समय नदी के पानी की गहराई और उसके बहाव का अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। ऐसे में तेज धार के बीच इस तरह का जोखिम किसी भी बड़े हादसे को दावत दे सकता है।
कहां से आईं ये बोतलें? बना हुआ है रहस्यनदी में बहकर आई ये शराब की बोतलें आखिर कहां से और किन परिस्थितियों में पहुंचीं, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक या स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यही चर्चा जोरों पर है कि ये बोतलें धमतरी जिले की ओर से तेज बहाव के साथ बहते हुए गोबरा नवापारा तक पहुंची हैं।
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण महानदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे समय में नदी, नाले, पुल और तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास जाना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बाढ़ के पानी में उतरने या बहती वस्तुओं को पकड़ने जैसी जोखिम भरी कोशिशों से पूरी तरह बचें।
प्रशासन की अपील

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



