द जागरण टाइम्स। दिवाली से पहले पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि वह पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन दिनभर यानी 24 घंटे पटाखे चलाने की खुली छूट भी नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा रास्ता तलाशना होगा, जिसमें लोगों की भावनाओं का सम्मान हो और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके।
जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पटाखों के इस्तेमाल के लिए विशेष समय तय किया जा सकता है। इसके साथ ही यह भी निर्धारित किया जा सकता है कि किस तरह के पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। कोर्ट ने कहा कि एक तरफ पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं पर असर पड़ सकता है, वहीं दूसरी ओर पूरे दिन पटाखे चलाने से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों समेत अन्य जीवों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए दोनों पहलुओं के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



