भोपाल। भोपाल के एयरोसिटी क्षेत्र में करीब 305 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बिजली ग्रिड कंट्रोल सेंटर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी सभी शासकीय अनुमतियां 20 नवंबर 2026 तक पूरी करने और तय समयसीमा में निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस केंद्र से देश के पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड को नियंत्रित किया जाएगा। परियोजना को लगभग दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कमिश्नर कार्यालय में संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें ग्रिड इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एम.के. रमेश, भोपाल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्याम वीर सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि एयरोसिटी भोपाल में बनने वाले कंट्रोल सेंटर कॉम्प्लेक्स का निर्माण भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) करवा रहा है। इसके लिए ग्रिड इंडिया लिमिटेड के साथ निर्माण की अवधारणा से लेकर परियोजना पूरी होने तक की जिम्मेदारी से संबंधित समझौता हो चुका है। परियोजना के लिए भूमि भी आवंटित की जा चुकी है।
इस परियोजना पर लगभग 305 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए करीब दो साल की समयसीमा निर्धारित की गई है। यह केंद्र देश के पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्रिड कंट्रोल ऑफ इंडिया लिमिटेड, जिसे ग्रिड इंडिया के नाम से जाना जाता है, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रम है। एयरोसिटी में बनने वाला यह केंद्र देश में अपनी तरह की पहली परियोजना बताया गया है।
समीक्षा बैठक में परियोजना के निर्माण से पहले पूरी की जाने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। इनमें निविदा आमंत्रित करना, भवन निर्माण की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, भूमि उपयोग में बदलाव, हरित भवन प्रमाणन और बिजली के खंभों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने से जुड़े कार्य शामिल हैं। संभागायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर है कि आवश्यक अनुमतियां समय पर मिलने से निर्माण कार्य शुरू करने में देरी न हो और परियोजना तय समय में पूरी की जा सके।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



