14 माह के बच्चे को विपरीत मौसम का नहीं हुआ प्रभाव

कोरबा छत्तीसगढ़ । बच्चों को स्वस्थ रखने और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया।महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका स्थित पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में 8 सितंबर 2026, मंगलवार को भौम पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के तहत बच्चों का स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार कराया गया।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में अंचल के सैकड़ों बच्चों ने लाभ लिया।14 माह के बच्चे की मां ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में अपने 14 माह के बच्चे का स्वर्ण बिंदु प्राशन कराने पहुंची एक माता ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र में अपने बच्चे को यह संस्कार करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका बच्चा अब 14 माह का हो चुका है और इस दौरान बदलते मौसम के बावजूद उसे सर्दी-खांसी जैसी समस्या नहीं हुई। उन्होंने बच्चे के सक्रिय और स्वस्थ रहने का अनुभव साझा करते हुए संस्थान के प्रति आभार जताया।उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आयुर्वेदिक पद्धतियों की जानकारी लेने और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के अनुसार स्वर्ण बिंदु प्राशन कराने की अपील की।प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयाससंस्थान के चिकित्सक एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा है। उन्होंने बताया कि इसका उल्लेख आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में मिलता है और संस्थान द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।इनकी रही विशेष सहभागिताकार्यक्रम में नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा के साथ नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अरुण मानिकपुरी, अश्वनी बुनकर, सिद्धराम सारथी, अनुराग कंवर, अनिशा मानिकपुरी, शैल कुमारी निषाद, गुनगुन राठिया एवं पंचकर्म टेक्नीशियन पिंकी बरेठ ने उपस्थित होकर आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।आयोजकों ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर इस तरह के आयुर्वेदिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।


