द जागरण टाइम्स,कोरबा बाँकीमोंगरा । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कोरबा क्षेत्र के अंतर्गत बाकीमोगरा मेन चिकित्सालय के द्वारा विभागीय कर्मचारियों और उनके परिजनों को उपचार के मामले में महंगी दवाएं लिखे जाने पर भाजपा पार्षद अश्विनी मिश्र ने एतराज़ जताया है। उनका कहना है कि क्या कोयला कंपनी के डॉक्टर सस्ती और अच्छी दवाई नहीं लिख सकते? भाजपा नेता अश्विनी ने कहा है कि विभागीय अस्पताल में कर्मचारी और परिजनों के उपचार के लिए सुविधा दी जा रही है। आमतौर पर दिखा जा रहा है कि संबंधितों को अनावश्यक महंगी दवाई लिख दी जाती हैं। भले ही एक सीमा तक ऐसे मामलों में रीइंबर्स की व्यवस्था दी गई है लेकिन बाकी खर्च तो कर्मचारी को ही वहन करना होता है। और इस व्यवस्था में कुल मिलाकर उन पर ही आर्थिक बोझ बढ़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने जेनेरिक दवाइयां को बढ़ावा देने के साथ ऐसी दुकान खोली हैं और डॉक्टर को भी निर्देशित किया है कि वह इसके हिसाब से आचरण करें। भाजपा नेता ने स्थानीय चिकित्सा अधिकारी सहित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के चिकित्सा सेवाओं विभाग के प्रमुख और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया। उनका कहना है कि अगर दवाइयां के फार्मूले एक जैसे होते हैं और केवल ब्रांडिंग अलग होती है तो गुणधर्मिता आखिर कैसे प्रभावित होगी, इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को कहा है कि कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी हित में महंगी दवाइयां को अनावश्यक लिखने से बचने का अभ्यास करना चाहिए।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



