राष्ट्रीय कार्यशाला में जिला परियोजना अधिकारी ज्योति शर्मा ने लिया हिस्सा
द जागरण टाइम्स, कोरबा 18अक्टूबर।उल्लास–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वर्ष 2027 तक असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में कक्षा नवमी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को असाक्षर व्यक्तियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को 10 असाक्षरों को पढ़ाने पर बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देकर प्रोत्साहित करने की व्यवस्था भी की गई है।
इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और साक्षरता संबंधी शोध निष्कर्षों की समीक्षा के लिए 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक पुणे में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला में कोरबा जिले की जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने सहभागिता की। कार्यशाला में साक्षरता संबंधी शोध के आंकड़ों का विश्लेषण करने और राज्यवार आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में साक्षरता के लिए किए जा रहे प्रयासों और उपलब्ध आंकड़ों को प्रस्तुत किया गया।
श्रीमती शर्मा के अनुसार, अभियान के तहत असाक्षर व्यक्तियों का पंजीयन कर उन्हें साक्षर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने के परिणामस्वरूप उनमें भी उत्साह देखा जा रहा है।उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के हजारों विद्यार्थियों को असाक्षरों को पढ़ाने के लिए 10 बोनस अंक देकर प्रोत्साहित किया गया था। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने और समाज में साक्षरता के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



