बिलासपुर। निलंबित आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी (Ratanlal Dangi) के खिलाफ महिला योग प्रशिक्षक की शिकायत से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया है। शासन ने अदालत को बताया कि डांगी के खिलाफ 20 अप्रैल 2026 को ही आरोप-पत्र जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही विभागीय जांच की व्यवस्था में बदलाव करते हुए नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।बिलासपुर निवासी महिला योग प्रशिक्षक ने रतनलाल डांगी के खिलाफ पुलिस महानिदेशक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच पद का प्रभाव इस्तेमाल कर प्रताड़ित करने और अनुचित व्यवहार करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में अश्लील संदेश और तस्वीरें भेजने, पति के खिलाफ लंबित विभागीय जांच के दौरान आईफोन मांगने और मनचाही पदस्थापना के बदले पैसे मांगने जैसे आरोप भी शामिल हैं। महिला ने प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारियों को बदलने और डांगी की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने अदालत को बताया कि शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद 20 अप्रैल 2026 को डांगी के खिलाफ औपचारिक आरोप-पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा 29 सितंबर 2026 को जारी संशोधित आदेश के तहत आईपीएस दीपांशु विजय काबरा को जांच अधिकारी और आईपीएस पारुल माथुर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट के इस आदेश से डांगी पर लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए हैं। अब विभागीय जांच में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



