नवमी पर हवन-पूजन और भंडारे के साथ संपन्न होगा अनुष्ठान, तीर्थ क्षेत्र में किए गए व्यापक प्रबंध
द जागरण टाइम्स, अयोध्या 13अक्टूबर। शारदीय नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की विधि-विधानपूर्वक आराधना की गई। भक्ति, श्रद्धा और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर परिसर में नवरात्र उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान मां भगवती की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की जा रही है।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मीडिया विभाग की ओर से बताया गया कि नवरात्र पर्व की परंपराओं का पूरी श्रद्धा के साथ निर्वहन किया जा रहा है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं।नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। इसी परंपरा के अंतर्गत देवी चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालु मां भगवती से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना कर रहे हैं।

ट्रस्ट के अनुसार, नवरात्र उत्सव को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तीर्थ क्षेत्र में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पर्व के अंतिम दिन नवमी पर हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में नवरात्र की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन से पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के रंग में रंगा हुआ है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



