द जागरण टाइम्स, इंदौर 10 अक्टूबर। महा नगर की वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्कृति कर्मी डॉ. गायत्री शर्मा ‘प्रीत’ को केरल में भारतीय भाषा संस्कृति रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ. गायत्री शर्मा को यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। अनेक सम्मान से अलंकृत गायत्री लंबा समय छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में व्यतीत हुआ है।केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित मलमपूझा नामक स्थान पर मलयगिरी आध्यात्मिक चेतना शिविर 2026 में उत्तर भारत एवं दक्षिण भारत संस्कृति मिलन समारोह आयोजित हुआ। चार दिवसीय आवासीय शिविर में देश-विदेश तथा भारत के 18 राज्यों से चयनित 65 शिक्षकों साहित्यकारों और समाजसेवियों ने सहभागिता की। इंदौर से डॉ.गायत्री शर्मा ‘प्रीत’ का चयन हुआ, डॉ. ज्योति सिंह और डॉ. रंजना शर्मा का भी चयन हुआ। समारोह में संत सुधीर दास महाराज, प्रोफेसर डॉ.अजीत कुमार जैन, प्रेरक कहानियां व मानवता अनुसंधान केंद्र ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक डॉ. अभिषेक कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में डॉ. गायत्री शर्मा ‘प्रीत’ को सम्मान पत्र, अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।आयोजन मैं अध्यात्म,योग, ध्यान,साहित्य, शिक्षा और मानवता से जुड़े विषयों पर विचार विमर्श हुआ। उत्तर व दक्षिण भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के समन्वय पर केंद्रित इस पहल को प्रतिभागियों ने सराहा डॉ. गायत्री शर्मा को परिवार जनों मित्रों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। आयोजन के सफल संचालन व संयोजन लिए आयोजक डॉ. अभिषेक कुमार व उनकी टीम की भी सराहना की।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



