भोपाल। मध्य प्रदेश में राम वनगमन पर्यटन परिपथ को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इस परिपथ के तहत अब 31 नए स्थानों को विकसित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि शोध के आधार पर इन स्थलों का नए सिरे से चिन्हांकन किया गया है और यहां प्रभु श्रीराम के वनवास से जुड़े प्रमाण मिले हैं। इसके साथ ही पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अधूरे काम को भी पूरा करने की बात कही गई है।
31 नए स्थानों पर विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएं
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के लिए राज्य सरकार ने नए स्थानों का चयन किया है। सरकार के अनुसार, इन स्थलों को शोध के आधार पर चिन्हित किया गया है। दावा है कि यहां प्रभु श्रीराम के वनवास से जुड़े प्रमाण मिले हैं। नए स्थानों को विकसित करने का उद्देश्य राम वनगमन से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सामने लाना तथा पर्यटन को बढ़ावा देना है। हालांकि, अभी इन 31 स्थानों के नाम, विकास कार्यों की लागत और उन्हें विकसित करने की समय-सीमा का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इन जानकारियों के सामने आने के बाद योजना के दायरे और विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुराने चयन में बदलाव, पिछली सरकार पर उठे सवाल
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के लिए कांग्रेस सरकार के समय चुने गए स्थानों में बदलाव किया गया है। वर्तमान सरकार का कहना है कि नए स्थलों का चयन शोध के आधार पर किया गया है। पिछली सरकार के दौरान किन आधारों पर स्थानों का चयन हुआ था, इस पर भी सवाल उठाए गए हैं। नए सिरे से चिन्हांकन के बाद अब परिपथ की योजना में बदलाव देखने को मिलेगा। इससे यह भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पहले चयनित स्थलों और नए चिन्हित स्थानों को लेकर सरकार आगे क्या कार्ययोजना तैयार करती है।
अधूरे राम वनगमन परिपथ का काम भी होगा पूरा
राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अधूरे काम को पूरा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना और उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है। 31 नए स्थानों के विकास से मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना को जमीन पर उतारने के लिए नए स्थलों की सूची, बजट और निर्माण कार्यों की समय-सीमा सामने आना जरूरी होगा। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार नए चिन्हित स्थलों के विकास की प्रक्रिया कब शुरू करती है और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाती है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



