द जागरण टाइम्स। National Ayurveda Day 2026। देशभर में आज यानी 23 सितंबर 2026 को 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इस साल का मुख्य कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” (Ayurveda for a Healthier Tomorrow) रखी गई है।
पहली बार 23 सितंबर को तय तारीख पर आयुर्वेद दिवस
आयुर्वेद दिवस पहले धनतेरस के दिन मनाया जाता था, जिसकी तारीख हर साल बदलती थी। केंद्र सरकार ने 2025 में राजपत्र अधिसूचना के जरिए 23 सितंबर को हर साल आयुर्वेद दिवस मनाने की निश्चित तारीख घोषित की। 2026 में इसी तय तारीख पर 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। 23 सितंबर की तारीख को शरद विषुव (Autumnal Equinox) से भी जोड़ा गया है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह प्रकृति में संतुलन के प्रतीक के रूप में आयुर्वेद के संतुलन संबंधी विचारों से मेल खाता है।
देशभर में हजारों कार्यक्रम
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशभर में जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से ज्यादा गतिविधियां रिपोर्ट की गई हैं और 3.6 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। करीब 89.3 लाख नागरिकों ने आयुर्वेद के समर्थन में संकल्प लिया है।
परंपरा के साथ रिसर्च और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर
इस साल आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रमों में आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और समुदाय के स्वास्थ्य पर जोर दिया जा रहा है। नागपुर में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में आयुष सर्विसेज सेक्टर पर पहली रिपोर्ट समेत कई दिशानिर्देश और रिपोर्ट जारी किए जाने हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेद क्षेत्र में शिक्षा के आधुनिकीकरण, साक्ष्य-आधारित रिसर्च, दवाओं के मानकीकरण और वैश्विक स्तर पर पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



