द जागरण टाइम्स। सारंगढ़: सारंगढ़ में आवारा कुत्ते के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शहर के अलग-अलग इलाकों में एक कुत्ता लगातार राह चलते लोगों को अपना निशाना बना रहा है। कुत्ते के काटने की कई घटनाएं सामने आने के बाद लोगों में भय का वातावरण है।
ज़िसमे आवारा आतंक ने सुबह डिग्री कालेज मार्ग करीब 13 लोगो को अपना शिकार बनाया था, जो दिन भर में बढ़कर 31 पहुंच गई है। इसमें 22 पुरूष, 4 महिला और 5 बच्चों को अपना शिकार बनाया है। आमजन अब नगर पालिका प्रसाशन से आवारा आतंक से बचाने के लिए रेस्कयू कर राहत दिलाने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सामान्य गतिविधियों के साथ सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में लोग अपने-अपने दैनिक दिनचर्या के साथ-साथ काम काज में लगे हुए थे। इसी दौरान सुबह करीब 8:30 बजे कालेज मार्ग से गुजर रहे एक युवक पर कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया।
युवक के पैर में गंभीर चोट आई। यह घटना की चर्चा थमती तभी मंदिर से पूजा कर घर लौट रही एक बुजुर्ग महिला को भी कुत्ते ने अपना निशाना बनाया। आवारा कुत्ते का हमला किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रहा। वह एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में दौड़ता रहा और राह चलते लोगों पर अचानक झपटकर उन्हें काटता रहा।गढ़ चौक, डिग्री कॉलेज मार्ग, बाजार चौक, प्रतापगंज और पुराना जेलपारा जैसे व्यस्त इलाकों में कुत्ते द्वारा लोगों पर हमला किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता कई लोगों पर पीछे से झपटता और पैर तथा हाथ में काटकर घायल करता रहा। कुत्ते के हमलों के बाद जिला अस्पताल में घायलों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
शुरुआत में बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे और दिनभर में यह संख्या बढ़कर 31 तक पहुंच गई। घायलों में 22 पुरुष, चार महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। वही लोगो ने बताया कि अचानक पीछे से कुत्ते के दौड़कर आने के कारण लोग जब तक संभल नहीं पाते तब तक वे उक्त कुत्ते के हमले से घायल हो जाते हैं। इससे शहर के विभिन्न मोहल्लों में लोग एवं उनके स्वजन विशेष रूप से चिंतित हैं।
बहरहाल घायल लोग प्राथमिकी उपचार के लिए जिला अस्पताल आए जहां उपस्थित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार करने के साथ उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाया।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



