द जागरण टाइम्स। राजस्थान । राजस्थान में पिछले 16 साल के इतिहास में इस बार सबसे कमजोर मानसून रहा है। कोटा-झालावाड़-बांसवाड़ा जैसे जिलों में जहां बारिश से नदियां उफान पर रहती थीं।कई बार बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे, वहां भी आंकड़े माइनस में हैं। मौसम विभाग की मानें तो 30 सितंबर तक मानसून विदा लेगा, उससे पहले तेज बारिश के कोई आसार नहीं है।मानसून की इस बेरुखी का असर बिजली, खेती जैसे सेक्टर्स पर पड़ना तय माना जा रहा है। खरीफ की पैदावार कम होने की आशंका है। वहीं, सितंबर में भी बिजली की डिमांड गर्मी के सीजन की तरह है।

केपी नारायण स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय।



